भगत सिंह बायोग्राफी

Share on:

This post has already been read 17 times!

Bhagat Singh Biography In Hindi: अगर हम अपना इतिहास पढ़े तो भगत सिंह का नाम हमको जरूर पढ़ने को मिलता है, इनके जैसा पराक्रमी और बहादुर महान व्यक्ति आज तक कोई नही जन्मा है इन्होंने अपने भारत मां के लिए अपनी जान की तक परवाह नही की।

हमारा भारत देश एक समय में अंग्रेजों का गुलाम था लेकिन भारत देश के बहुत से वीर योद्धा थे जो की अपने देश के लिए अपनी जान की तक परवाह नही करते थे इसमें से भगत सिंह भी एक थे, जिन्होंने अपनी भारत मां को आजाद कराने के लिए अपने जीवन का बलिदान दे दिया।

भगत सिंह जैसे महान वीरों की वजह से हम एक आजाद भारत में रह रहे है, और हर कोई इनका नाम जानता है क्योंकि बचपन से ही इनके वीरता की कहानियां हर किसी को सुनाई जाती है, लेकिन फिर भी हमारे मन में इनसे जुड़े कई सारे सवाल रहते है, जिस वजह से आज मैं आपको Bhagat Singh biography in Hindi के अंतर्गत सम्पूर्ण जानकारी देने की कोशिश करूंगा।

भगत सिंह बायोग्राफी : Bhagat Singh Biography In Hindi

इनका जन्म 27 सितंबर 1907 को जरंवाला तहसील, पंजाब में हुआ था, इनके पिता जी का नाम सरदार किशन सिंह सिन्धु और माता जी का नाम विद्यावती था। इनके भाई बहन भी थे जिनके नाम रणवीर, कुलतार, राजिंदर, कुलबीर, जगत, प्रकाश कौर, अमर कौर, शकुंतला कौर थे।

Bhagat Singh Biography In Hindi
नाम शहीद भगत सिंह
जन्म स्थान जरंवाला तहसील, पंजाब
जन्म 27 सितंबर 1907
माता विद्यावती
पिता सरदार किशन सिंह सिन्धु

भगत सिंह का शुरुवाती जीवन

आपको जान कर हैरानी होगी की जब इनका जन्म हुआ था तब इनके पिता सरदार किशन सिंह सिन्धु जेल में थे, यह एक सिख परिवार से थे जहां पर सभी के दिलो में भारत माता के प्रति प्यार था और इनके चाचा अजित सिंह भी स्वतंत्रता सैनानी थे, इनका नाम भी एक महान स्वतंत्रता सैनानी में शामिल है।

भगत सिंह के चाचा ने देशभक्ति एसोसिएशन बनाई थी, और इनके ऊपर लगभग 22 मुकदमे भी दर्ज है जिस कारण से यह ईरान चले गए थे। भगत सिंह बचपन से देशप्रेमी थे और फिर इनके पिता जी ने इनकी शिक्षा के लिए दयानंद एंग्लो वैदिक हाई स्कूल में कराया।

इन्होंने अपनी पढ़ाई की और फिर BA के लिए इन्होंने लौहोर के नेशनल कॉलेज में दाखिला लिया, जहां पर इनकी मुलाकात सुखदेव थापर और अन्य कई सारे देशप्रेमियों से हुई और फिर कुछ समय बीतने पर इनकी दोस्ती गहरी हो गई और भारत में भी आजादी की लड़ाई चल रही थी।

इस आजादी की लड़ाई में भगत सिंह ने अपना पूरा योगदान दिया और अपनी पढ़ाई छोड़ दी और फिर इनके परिवार ने इनकी शादी कराने का भी फैसला लिया लेकिन इन्होंने अपने घर पर शादी के लिए साफ इंकार कर दिया।

भगत सिंह से जुड़ी कुछ रहस्यमई जानकारी

इनसे जुड़ी कई सारी जानकारी है, जो की बहुत कम ही लोगों को पता है जो की कुछ इस प्रकार है –

  • भगत सिंह जब 12 वर्षीय थे, तब ये जलियावाले बाग में गए थे और वहां पर पड़ी मिट्टी जिसमे भारतीयों के खून की बूंदे थी, उस मिट्टी को एक बोतल में भरा और यह बोतल पर अपने साथ हर समय रखते थे।
  • भगत सिंह ने 21 फरवरी 1921 को गुरुद्वारा ननकाना साहिब में एक बड़े विरोध में हिस्सा लिया।
  • भगत सिंह को लिखने का बहुत शौक था जिस वजह से यह अपने कॉलेज में निबंध प्रतियोगिता में हिस्सा लिया करते थे।
  • भगत सिंह को किताबे पढ़ने का बहुत शौक था, जिस वजह से इन्होंने मात्र 21 वर्ष की उम्र में 50 से भी ज्यादा किताबे पढ ली थी।
  • भगत सिंह महात्मा गांधी में अनुयाई थे, लेकिन फिर भी भगत सिंह ने इनके असहयोग आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया था।
  • यह 1927 में जेल भी गए थे, इसका कारण था की लाहौर में हुए धमाके में यह शामिल थे, तब इनको 5 हफ्ते की सजा सुनाई गई थी।
  • ये जब जेल से रिहा हुए थे, तब इन्होंने कुछ समाचार पत्रों में लिखने का कार्य किया था।

भगत सिंह के वचन

इन्होंने कई सारी बाते बताई, जिनको जानना बहुत जरूरी है और भगत सिंह के वचन कुछ इस प्रकार है –

  • भगत सिंह कहते है की प्रेमी, पागल और कवि एक ही थाली के चट्टे बट्टे होते है यानी की एक समान होते है।
  • भगत सिंह कहते है की मेरी गर्मी के कारण से राख का हर एक कण चलाएमान है, और मैं ऐसा पागल व्यक्ति हूं हो जेल में होकर भी स्वतंत्र हूं।
  • ये कहते है को बेहरो को सुनाना है तो आवाज तेज करनी होगी।
  • ये कहते है की किसी को भी क्रांति को परिभाषित नहीं करना चाहिए।
  • भगत सिंह कहते है की आजाद और कठोरता सोच एक क्रांतिकारी के गुण होते है।

भगत सिंह की मृत्यु

भगत सिंह को 23 मार्च 1931 को सुबह 7:30 पर अपने करीबी दोस्तों राजगुरु और सुखदेव के साथ फांसी की सजा सुनाई गई, जिस दौरान तीनों वीरों ने अपने नारे लगाए और फिर फांसी को मुस्कुराते हुए गले लगा लिया।

निष्कर्ष

हमारे देश के कई स्वतंत्रता सेनानी थे जिनमे वीर भगत सिंह का नाम भी शामिल रहा है। भारत को आजाद कराने में भगत सिंह ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। भगत सिंह ने फांसी पर चढ़ाना कबूल कर दिया था। लेकिन अंग्रेजो के सामने झुकना कबूल नहीं किया वीर भगत सिंह ने अपने छोटे से जीवन में कई ऐसे महान काम किये थे। जिसकी बदौतल हम आजाद हुए है। आज के आर्टिकल में हमने आपको Bhagat Singh Biography In Hindi के बारे में जानकारी दी है। हमें उम्मीद है, की हमारे द्वारा दी गयी जानकरी आपको पसंद आई होगी।