रूडोल्फ़ वेइगल की बायोग्राफी

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Rudolf Weigel Biography In Hindi: आज के इस बदलते युग में न सिर्फ समय बदल रहा है बल्कि मनुष्य की शारीरिक क्षमता में भी प्रभाव पड़ रहा है और आज के समय में लोग इतना ज्यादा व्यस्त हो चुके है की स्वयं पर भी बिलकुल ध्यान नही दे पा रहे है जिस वजह से उनको तरह तरह की बीमारियां होने लगती है।

इसी प्रकार से न सिर्फ भारत देश में बल्कि पूरी दुनिया में कई बार महामारी का प्रकोप आ चुका है जिससे समस्त दुनिया को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा था हाल ही में कोरोना महामारी ने सभी को परेशान कर दिया था और संपूर्ण दुनिया इसकी चपेट में आ गई थी।

इन सभी बीमारियों और हर समस्या का एक समाधान होता है इसी प्रकार से कुछ वर्षो पहले एक बीमारी से हमारी दुनिया को अपने काबू में कर लिया था तब रूडोल्फ़ वेइगल ने अपना ज्ञान से इस महामारी का अंत कर सम्पूर्ण दुनिया को बचाया था।

आपने भी इनका नाम जरूर सुना होगा और आपके मन में भी इनसे जुड़े कई सारे सवाल होंगे जिनको आप जानना चाहते होंगे तो आज हम आपको अपने लेख में रूडोल्फ़ वेइगल जीवनी के बारे में बताएंगे और Rudolf Weigel Biography In Hindi से जुड़ी कई सारे जानकारी आपके साथ सांझा करेंगे।

रूडोल्फ़ वेइगल जीवनी: Rudolf Weigel Biography In Hindi

<strong>Rudolf <strong>Weigel</strong> Biography In Hindi</strong>
पूरा नामरूडोल्फ़ वेइगल
जन्म2 सितंबर 1883
पढाईस्नातक
मृत्य11 अगस्त 1957

आपको बता दे की रूडोल्फ़ वेइगल जी एक महामारी जिसका नाम टाइफन था उसकी वैक्सीन बनाने पर काम कर रहे थे और कुछ समय के बाद कठिन प्रयासों से इनको सफलता मिली और फिर इन्होंने सम्पूर्ण दुनिया को इस बीमारी से निजाद दिलाया, इनका यह कार्य संपूर्ण दुनिया के लिए बहुत जरूरी था।

आज के समय में जब सम्पूर्ण दुनिया और हम सब कोरोना के कहर से परेशान है तो शायद आप अंदाजा लगा सकते है की एक महामारी की वैक्सीन बनाना और सम्पूर्ण दुनिया में लांखो जान बचाना कितनी बड़ी बात है जिसके लिया इनको जितने भी पुरुस्कारों से नवाजा जाए वह कम ही होगा।

रूडोल्फ़ वेइगल जीवन परिचय

इस महानपुरुष का जन्म 2 सितंबर 1883 को मोराविया के परेरोव में हुआ था, जो की उस समय में आस्ट्रो इंगेरियान का एक हिस्सा था। इनके माता पिता जी ऑस्ट्रियन जर्मन थे और इनके बचपन में इनके पिता जी का देहांत एक साइकिल दुर्घटना में हो गई थी जिसके बाद इनकी माता जी ने एलिजाबेथ क्रॉयसेंट पोलिश जोजे़फ ट्रोजनर हाई स्कूल के एक प्रोफेसर के साथ विवाह कर अपनी जिंदगी बिताने लगी।

रूडोल्फ़ वेइगल का महान योगदान

इन्होंने 1907 में ल्वो विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की और फिर जूलॉजी में डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की जिसके बाद प्रथम विश्व युद्ध की शुरुवात हुई जिसमे इनको सेना में भर्ती किया गया जहां पर यह टायफस के टीका को बनाने का कार्य कर रहे थे, इसे महामारी ने हजारों की जान ले ली।

1909 के दौरान उनके शोध में यह जानकारी उनको मिली की टायफस, लाइसके के जरिए होता है जिसमे इन्होंने अपने कार्य को आगे बढ़ाया और उस वायरस को खोज निकाला जिससे की यह संक्रमण फैल रहा था, इन्होंने बहुत कठिन प्रयास किए जिसमे इनको असफलता भी हाथ लगी।

लेकिन इन्होंने हार नही मानी और अन्य में 1918 में इन्होंने टायफस महामारी के टीके को तैयार कर लिया जिसका परीक्षा इन्होंने जानवरों में किया और यह परीक्षण कुछ हद तक सही रहा जिसके बाद उन्होंने और 15 साल कठिन प्रयास किया और इस टीके को विकसित किया और अंत में 1933 में इस वैक्सीन को पूरी तरह से बना लिया।

इस प्रकार से इन्होंने अपने टीके से खुद को इस महामारी से सुरक्षित किया और अपने सम्पूर्ण देश को भी इस बीमारी से बचाया और इनके इस योगदान की वजह से हजारों लांखो लोगों की जान बची।

Google Doodle रूडोल्फ़ वेइगल

आपको बता दे की इनकी मृत्य 11 अगस्त 1957 में हो गई जब यह 73 वर्ष के थे और इस प्रकार से गूगल से इनको सम्मान देने के लिए और इनका 138 वां जन्मदिन मनाने के लिए अपने नए प्लेटफार्म Google Doodle पर इनकी तस्वीर लगाकर इनको सम्मान दिया।

रूडोल्फ़ वेइगल के पुरुस्कार और सम्मान

आपको जानकर हैरानी होगी की इनको दो बार नोवेल पुरुस्कार के लिए नामांकित किया गया था, लेकिन दोनो ही बार उनको पुरुस्कार से सम्मानित नही किया गया था। पहली बार जब इनको 1942 में टायफस के टीके के लिए नामांकित किया गया था तब रैहलिस्ट पर हस्ताक्षर न करने के कारण इनको पुरुस्कार नही दिया गया और दूसरी बार जब इनको नोवेल पुरुस्कार के लिए नामांकित किया गया था तब कम्युनिस्ट अधिकारियों के द्वारा इनका नामांकन रद्द कर दिया गया था। किंतु इनको 2003 में विश्व के राष्ट्रों के बीच में एक धर्मी के रूप में इजरायल द्वारा इनको पुरुस्कार से सम्मानित दिया गया था।

निष्कर्ष

रूडोल्फ़ ने अपने जीवन में ऐसे कई काम किये थे। जिसके चलते उनको सम्मानित भी किया गया था। आज के आर्टिकल में हमें आपको Rudolf Weigel Biography In Hindi के बारे में जानकारी दी है। हमें उम्मीद है, की हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको बेहतरीन लगी होगी