शिवाजी महाराज बायोग्राफी

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Shivaji Maharaj Biography In Hindi(शिवाजी महाराज बायोग्राफी ):  आपको यह तो पता ही होगा कि मराठा साम्राज्य के संस्थापक शिवाजी महाराज ही थे और फिर इनके साहस और उनकी वीरता के कारण के चर्चे संपूर्ण देश में हैं, जिस कारण से आज के समय में भी इनका नाम हर कोई जानता है और इनकी कहानियां सुनने के लिए हर कोई व्याकुल रहता है।

शिवाजी महाराज के अनुयाई आज के समय में भी बहुत सारे हैं और बहुत सारे लोगों का सपना है कि वह शिवाजी महाराज की तरह वीर और साहसी बने यही नहीं बल्कि शिवाजी महाराज की हर एक कहानियां हर एक को बहुत ज्यादा पसंद आती हैं और मात्र उनकी कहानियां और किस्से सुनने से ही हर किसी के रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

अगर आप भी शिवाजी महाराज को बहुत ज्यादा पसंद करते हैं और आप भी शिवाजी महाराज के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो आज मैं आपको अपने लेख की सहायता से shivaji Maharaj Biography In Hindi (शिवाजी महाराज बायोग्राफी )के अंतर्गत इनके बारे में हर एक जानकारी आपके साथ साझा करने की कोशिश करूंगा, जिसके जरिए आप भी इनके बारे में अच्छे से जान पाएंगे और इनके साहसी जीवन को जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।

Shivaji Maharaj Biography In Hindi

Shivaji Maharaj Biography In Hindi
पूरा नाम शिवाजी राजे भोंसले
उपनाम छत्रपति शिवाजी, शिवाजी महाराज
शासकीय नाम छत्रपति शिवाजी महाराज
व्यवसाय शासक (राजा)
शासन काल 1674 – 1680 ई.
शासन अवधि 38 वर्ष
जन्मतिथि 19 फ़रवरी, 1630 ई.
जन्मस्थान शिवनेरी दुर्ग, महाराष्ट्र, भारत
मृत्यु तिथि 3 अप्रैल, 1680 ई.
मृत्यु स्थल रायगढ़, मराठा साम्राज्य (वर्तमान में महाराष्ट्र), भारत
समाधि स्थल रायगढ़ किला, रायगढ़, मराठा साम्राज्य (वर्तमान में महाराष्ट्र)

 

आपको सबसे पहले बता दे की इनका जन्म 19 फरवरी 1630 को पुणे जिले के जुन्नार शहर के पास शिवनेरी के किले में हुआ था, इनके पिता जी का नाम शाहजी बीजापुरी सल्तनत था और इनकी माता का नाम जीजाबाई था।

शिवाजी महाराज का असली नाम शिवाजी राजे भोसले था, इनके गुरु का नाम समर्थ रामदास था, इन्होंने लगभग 1674 – 1680 ई साल तक शासन किया। शिवाजी महाराज जी अपनी मां से बहुत प्यार करते थे और इनकी मां ने ही इनको सही और गलत की शिक्षा दी थी।

शिवाजी महाराज जी के पिता जी का अधिकतर समय पुणे से बाहर ही गुजरता था, जिसकी वजह से शिवाजी की शिक्षा की जिम्मेदारी मंत्री परिषद की थी।

Shivaji Maharaj Family ( शिवाजी महाराज का परिवार)

Shivaji Maharaj Biography In Hindi
परिवार पिता – शाहजी भोंसले
माता– जीजाबाई
भाई– इकोजी 1 (सौतेला भाई)
बहन– पता नहीं

ये अपने पूरे परिवार से बहुत प्यार करते थे, और इनके परिवार में कई सदस्य भी थे जिसमे इनकी मां ( जीजाबाई ), इनके पिता ( शाहजी बीजापुरी सल्तनत ) शामिल थे और साथ में इनका एक भाई भी था जिसका नाम इकोजी 1 (सौतेला भाई) था।

इनका विवाह 1640 में साईबाई निंबालकर के साथ हुआ, इनका एक पुत्र और एक पुत्री भी है, पुत्र का नाम संभाजी  और राजाराम था, इनकी पुत्रियों के नाम सखुबाई, रूनुबाई, अंबिकाबाई, दीपाबाई, कमलाबाई थे।

शिवाजी महाराज के द्वारा लड़े गए युद्ध

 इन्होंने अपने जीवन में कई सारे युद्ध लड़े और सभी में अपने साहस और वीरता का परिचय देते हुए जीत हासिल की, इनके कुछ युद्ध इस प्रकार है –

  • शिवाजी महाराज ने 1659 को आदिलशाही जनरल अफजल खान के साथ प्रतापगण में युद्ध किया था।
  • शिवाजी महाराज ने 1660 को अपने किले के पास की पहाड़ी में पवन के साथ युद्ध किया।
  • इन्होंने 1664 को मुगल कप्तान इनायत खान के साथ गुजरात के सूरत में युद्ध लड़ा।
  • 1665 को मुगल साम्राज्य और मराठा साम्राज्य के बीच युद्ध हुआ, जो की एक बड़ा युद्ध साबित हुआ।
  • शिवाजी महाराज ने 1682-83 के बीच कल्याणी की लड़ाई लड़ी जी की इनकी प्रमुख लड़ाइयों में शामिल है।
  • 1679 को शिवाजी और मुगलों के बीच संगमनेर की लड़ाई हुई।

शिवाजी महाराज से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां

  • शिवाजी महाराज की माता जी अपनी स्वस्थ्य संतान के लिए भगवान शिवाय से प्रार्थना करती थी और फिर शिवाजी महाराज का नाम भी भगवान शिव के रूप का ही रखा गया।
  • इनकी माता अक्सर इनको रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथ और कई सारे युद्धों की कहानियां सुनाया करती थी, जिसका असर शिवाजी महाराज पर बहुत पड़ा है।
  • शिवाजी महाराज ने मात्र 15 वर्ष की आयु में 1645 में आदिलशाह सेना को बिना बताए ही तोरणा किले पर जीत हासिल की।
  • आदिलशाह ने 1659 में अपने मुख्य सेनापति अफजल खान को शिवाजी की मृत्यु के लिए भेजा था।
  • शिवाजी महाराज ने 10 नवंबर 1959 को अफजल खान को मार दिया और अफजल खान ने धोखे से शिवाजी को मारने का प्रयास किया था, फिर भी शिवाजी महाराज विजय हुए।
  • शिवाजी महाराज ने स्वतंत्र शासक पर एक सिक्का चलाया जिसका नाम इन्होंने शिवराई रखा।

शिवाजी महाराज जी की मृत्यु

 यह वीर और साहसी योद्धा 1680 में स्वर्ग सिधार गए, इनकी मृत्य की वजह इनका बीमार पड़ना था, यह लगातार बहुत समय तक बीमार रहे जिसके बाद इनकी मृत्य हो गई। कई लोग कहते है की इनकी पत्नी ने इनको जहर दिया था, जिसकी वजह से इनकी मृत्यु हो गई।

अंतिम शब्द 

आज मेने आपको अपने लेख की सहायता से शिवाजी महाराज बायोग्राफी (Shivaji Maharaj Biography In Hindi) के बारे में संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है हालांकि इनके साहस और वीरता का परिचय देना संभव नही है इनकी वीरता और साहस की कहानियां आज भी बहुत मशहूर है।